August

मेरा शहर

आज अचानक ही उसने पूछ लिया, "हर वक़्त करती रहती हो, अपने शहर की बात, तुम्हारे शहर में ऐसा क्या है?"मैंने कहा -मेरी तो सुबह-शाम उस शहर में है,मेरे दिन-रात उस शहर के हैं,मेरी हँसी उस शहर में है, और गम भी वहीं है,मेरी ज़िम्मेदारी और जवाबदारी उस शहर मे ...

मुझे तो अच्छा लगता है

मुझे अच्छा लगता है,  तुम्हारा यूँ बेपरवाह हो जाना, फिर वापिस लौट आना,खुद पर यूँ प्यार लुटाना, और अपने आप में खुश हो जाना  ... मुझे अच्छा लगता है,  किन्हीं बातों पर तुम्हारी बेतुकी राय होना, फिर उसका प्रमाण खोजना,  औ ...

June

तेरा साथ…

तेरे मिलने से मैं बेफ़िकर हो गयी , सारी दुनिया से मैं बेखबर हो गयी, तेरी सोहबत का असर यूँ हुआ, तेरी -मेरी बातों में ही शाम बसर हो गयी, यूँ अकेलेपन से मैं घबराती नहीं, पर तेरे साथ से मंज़िल थोड़ी आसान हो गयी, मेरी दुनिया का दायरा तुझमें सिमटा नहीं , प ...

वो मुलाकात

दौड़ती-भागती ज़िन्दगी, जिसमें एक ओर सुबह न उठने की इच्छा है, तो दूसरी ओर समय से ऑफिस पहुँचने की जल्दी भी। आजकल सुबह माँ के आवाज़ रूपी अलार्म से नहीं होती, हाँ सुबह कॉल ज़रूर आता है , जिसे कभी- कभी नींद में अलार्म समझ कर ही बंद कर देती हूँ। फिर कुछ मिनट बाद एह ...

Happy Father’s Mother’s day

आज सुबह पढ़ा-"संघर्ष पिता से सीखो,बाकि सब कुछ दुनिया सिखा देगी।"मेरा मानना है- "संघर्ष 'पिता' बनी माँ का देखोदुनिया के हर रंग को जीना सिखा देगी,रोते हुए भी तुम्हें हँसना सीखा देगी,दुनिया से कुछ अलग सीखने की ज़रूरत नहीं,उनकी 'जिंदगी' तुम्हें पूरी दुनिया दिखा ...

May

फासला

न तुम मुझसे हाल-चाल पूछते हो,न मैं तुमसे कोई नयी बात...न तुम मुझे हाल- ऐ-दिल बताते हो ,न मैं तुमसे करूँ कोई दिल की बात...न तुम्हें मुझसे कोई शिकवा है,न मुझे तुम से कोई शिकायत...पर फिर भी अब बहुत कुछ अधूरा है...जो शायद पहले कभी पूरा थाकल तुम ने अचानक ही पू ...

April

लोग बुरे नहीं होते…

आज जहाँ हर एक व्यक्ति दूसरे से स्पर्धा में जी रहा है, वहाँ दूसरे व्यक्ति पर दोषरोपण करना काफी आसान है। हर व्यक्ति के पास कम -से-कम एक नाम अवश्य है , उसके अनुभवों के अनुसार, उसके जीवन के एक बुरे व्यक्ति का। परन्तु क्या कोई व्यक्ति पूरी तरह बुरा हो स ...

March