October

masum sa dil tha…choti choti khwahishein

 बस  चलते- चलते आज अतीत के कुछ पन्ने उड़ते देखे,  पता चला कितनी  मासूम और छोटी -छोटी ख्वाहिशें थी हमारी।बचपन, जिंदगी का वह अनमोल समय जिसको हमने बहुत ही हर्ष-उल्लास के साथ व्यतीत किया। उसी बचपन में हमेशा हमने बड़े होने की चाह रखी एक समय थ ...