September

dil se

वो लाखों रुपयों का कोई मोल नहीं , जिसने हज़ारों  दिनों का चैन छीना हो,पर अजीब बात तो ये है उस सुख और चैन की कीमत आज उन हज़ारो- लाखों में ही तबदील हो गई।