November

bhavnaaon ke pehlu se

तेरी आँखों के पैमानों को आंकना अच्छा लगता है ,सामने बैठ तुझे ताकना यूँ अच्छा लगता है ,तेरे भावनाओ के समंदर से तो में वाक़िफ़ नहीं , पर फिर भी उस समंदर में झाँकना अच्छा लगता है ,